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धोखाधड़ी देयता ढांचा

RBI दिशानिर्देशों के तहत अपने अधिकार और देयता समझें

आपकी शून्य देयता हो सकती है!

RBI दिशानिर्देश ग्राहकों को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन से बचाते हैं। मुख्य बात है जल्दी रिपोर्ट करना।

ग्राहक देयता मैट्रिक्स

परिदृश्य रिपोर्टिंग समय ग्राहक देयता
बैंक की लापरवाही / तीसरे पक्ष का उल्लंघन (ग्राहक की गलती नहीं) कभी भी शून्य
न बैंक न ग्राहक की गलती 3 कार्य दिवसों के भीतर शून्य
न बैंक न ग्राहक की गलती 4 से 7 कार्य दिवस सीमित (₹10,000 - 25,000)
न बैंक न ग्राहक की गलती 7 कार्य दिवसों के बाद बैंक नीति के अनुसार
ग्राहक की लापरवाही (OTP, PIN आदि साझा किया) कभी भी पूर्ण (ग्राहक नुकसान वहन करता है)

सीमित देयता राशि (4-7 दिन रिपोर्टिंग)

बेसिक बचत खाता

₹5,000

अधिकतम देयता

नियमित बचत/चालू खाता

₹10,000

अधिकतम देयता

क्रेडिट कार्ड / प्री-पेड खाता

₹25,000

अधिकतम देयता

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

10 दिन क्रेडिट नियम

बैंक को शिकायत प्राप्त होने के 10 कार्य दिवसों के भीतर विवादित राशि क्रेडिट करनी होगी, भले ही जांच जारी हो।

90 दिन की जांच

बैंक को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होगी। अगर ग्राहक दोषी पाया जाता है, तो क्रेडिट की गई राशि वापस ली जा सकती है।

SMS अलर्ट अनिवार्य

बैंकों को सभी इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के लिए SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य है। अपना मोबाइल नंबर बैंक में पंजीकृत करें।

सबूत का बोझ बैंक पर

बैंक को साबित करना होगा कि ग्राहक लापरवाह था। ग्राहक को निर्दोषता साबित करने की जरूरत नहीं है।

तुरंत धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें

जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतनी कम देयता होगी। देरी न करें!